बिहार में 'सम्राट सरकार' का बड़ा फैसला: राजगीर के 'होटल अजातशत्रु' का संचालन करेगा ITC समूह, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की मौजूदगी में MoU साइन





 रिपोर्ट: संतोष पांडेय, LNBNews


राजगीर, बिहार: बिहार के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक पटल पर एक नई और मजबूत पहचान देने के लिए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में एक बेहद ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में अब देश के सबसे प्रतिष्ठित होटल नेटवर्क्स में से एक, आईटीसी समूह की भव्य एंट्री हो चुकी है। राजगीर स्थित प्रसिद्ध 'होटल अजातशत्रु' का संचालन अब पूरी तरह से 'Welcomhotel by ITC' के प्रतिष्ठित बैनर के तहत किया जाएगा।


डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के सरकारी आवास स्थित संकल्प सभागार में इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) और वेलकमहोटल (ITC समूह) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह नया कदम बिहार के पर्यटन उद्योग के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है।


राजगीर की इस वर्ल्ड-क्लास होटल परियोजना के तहत यह पूरी विश्वस्तरीय लग्जरी होटल योजना राजगीर के मुख्य क्षेत्र में लगभग 2.67 एकड़ की विशाल भूमि पर विकसित की जाएगी। वैश्विक और घरेलू पर्यटकों की सुख-सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस होटल में 104 पूरी तरह से अत्याधुनिक और लग्जरी कमरों की सुविधा होगी। इसके साथ ही बड़े आयोजनों, वीआईपी शादियों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की मेजबानी के लिए इसमें एक विशाल और आधुनिक बैंक्वेट हॉल के साथ विश्वस्तरीय आतिथ्य सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। इस बड़ी परियोजना की शुरुआत से बिहार और विशेषकर राजगीर-नालंदा के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।


राजगीर, नालंदा और बोधगया हमेशा से ही बौद्ध, जैन और सनातन संस्कृति का वैश्विक केंद्र रहे हैं। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि यह होटल बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और प्रमुख पर्यटन स्थलों की वैश्विक पहचान को और अधिक सशक्त करेगा। 


नीचे दिए गए आधिकारिक वीडियो लिंक पर क्लिक करके आप इस ऐतिहासिक समझौते के पल देख सकते हैं:

https://x.com


LNBNews की राय: सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में इस तरह के बड़े कॉर्पोरेट और वैश्विक ब्रांड्स का आना यह साबित करता है कि राज्य में पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर की सोच अब तेजी से बदल रही है। आने वाले दिनों में यह होटल बिहार पर्यटन की असली पहचान बनेगा।


जहानाबाद: गोनवां पंचायत में 'सहयोग शिविर' का आयोजन, DM और SP ने मौके पर सुनीं जनता की समस्याएं




बिहार के जहानाबाद जिले से एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में परसबिगहा थाना क्षेत्र की गोनवां पंचायत में एक विशेष "सहयोग शिविर" और "साइबर जागरूकता कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। इस शिविर की सबसे खास बात यह रही कि जिले के शीर्ष अधिकारियों ने खुद जमीन पर उतरकर लोगों की फरियाद सुनी।


DM और SP ने संयुक्त रूप से सुनीं शिकायतें:

गोनवां पंचायत में आयोजित इस विशेष शिविर में जहानाबाद के जिला पदाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) संयुक्त रूप से शामिल हुए। दोनों अधिकारियों ने एक-एक कर स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों को सुना। जिला प्रशासन के इस कदम की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की, क्योंकि उन्हें अपनी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़े।


मौके पर ही समस्याओं का त्वरित समाधान:

"सहयोग शिविर" का मुख्य उद्देश्य लालफीताशाही को खत्म कर जनता को तुरंत राहत देना था। शिविर के दौरान राजस्व, पुलिस, विकास योजनाओं और स्थानीय विवादों से जुड़े कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट (तुरंत) निपटारा किया गया। जिन मामलों में जांच की आवश्यकता थी, उनके लिए संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया गया।


बढ़ता साइबर अपराध और जागरूकता अभियान:

शिविर के दूसरे भाग में पुलिस प्रशासन द्वारा "साइबर जागरूकता कार्यक्रम" चलाया गया। वर्तमान में बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लॉटरी, और बैंक अकाउंट से जुड़े साइबर अपराधों से बचने के लिए ग्रामीणों को महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP) या बैंक विवरण साझा न करें।


रिपोर्ट: संतोष पांडेय, LNBNews


BREAKING: बाबा चौहरमल के नाम पर जारी होगा स्मारक डाक टिकट, चिराग पासवान के प्रस्ताव को केंद्र सरकार की मंजूरी


 


Chirag Paswan Baba Chouharmal Dak Tikat


बिहार के लोक-नायक और वंचित समाज के पूज्य प्रतीक बाबा चौहरमल को राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐतिहासिक सम्मान मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने बाबा चौहरमल की स्मृति में एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी करने के प्रस्ताव को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी है।


केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मुहिम लाई रंग

लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने लोक-नायक बाबा चौहरमल के सामाजिक योगदान को सहेजने और उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष एक विशेष प्रस्ताव रखा था। चिराग पासवान के इसी जनभावना से जुड़े प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने अपनी मुहर लगा दी है।


केंद्रीय संचार राज्य मंत्री ने पत्र लिखकर दी जानकारी

इस महत्वपूर्ण निर्णय की आधिकारिक जानकारी केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने दी है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को एक आधिकारिक पत्र लिखकर सूचित किया है कि उनके द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकार कर लिया गया है और जल्द ही स्मारक डाक टिकट जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


वंचित महापुरुषों को राष्ट्रीय पटल पर सम्मान

बाबा चौहरमल को राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाला यह सम्मान बिहार के दलित, शोषित और वंचित समाज के सम्मान की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बिहार और देश के कोने-कोने में बाबा चौहरमल के प्रति करोड़ों लोगों की अगाध श्रद्धा है। हर साल मोकामा के चौहरमल नगर (लदमा) में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक मेला उनकी स्मृति और सामाजिक समरसता की बड़ी मिसाल है।


समर्थकों और बिहार के राजनीतिक गलियारों में खुशी की लहर

केंद्र सरकार की इस मंजूरी के बाद लोजपा (रामविलास) के नेताओं, कार्यकर्ताओं और बाबा चौहरमल के लाखों अनुयायियों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है। समर्थकों का कहना है कि चिराग पासवान लगातार देश के वंचित समाज के महापुरुषों को उनका वास्तविक हक और राष्ट्रीय सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।


रिपोर्ट: संपादक संतोष पांडेय (LNB News)


बांकीपुर उपचुनाव 2026: क्या प्रशांत किशोर के लिए टेंशन बना वोटों का बिखराव? जानिए बीजेपी के इस अभेद्य किले का पूरा सियासी समीकरण


 सामयिक और निष्पक्ष विश्लेषण | लेखक: संतोष पांडेय (संपादक, LNBNews)


बिहार की राजनीति में इस समय अगर किसी एक सीट पर पूरे देश की नजरें टिक गई हैं, तो वो है पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट। पूर्व विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस हॉट सीट पर हो रहा उपचुनाव अब केवल एक आम चुनाव नहीं रह गया है। यह चुनाव बिहार के भविष्य की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाला साबित हो रहा है। 


इस उपचुनाव को सबसे ज्यादा हाई-प्रोफाइल बनाया है जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने, जो खुद इस सीट से चुनावी अखाड़े में सीधे तौर पर ताल ठोक रहे हैं। लेकिन क्या बीजेपी के इस अभेद्य किले को भेद पाना प्रशांत किशोर के लिए इतना आसान होगा? या फिर इस कड़े त्रिकोणीय मुकाबले में होने वाला वोटों का बिखराव उनके लिए एक बड़ी टेंशन बनने जा रहा है? आइए संपादक संतोष पांडेय के इस विशेष विश्लेषण में समझते हैं बांकीपुर का पूरा जमीनी और जातीय समीकरण।


■ बीजेपी का अभेद्य किला और 'अभेद रणनीति'

--------------------------------------------------

बांकीपुर विधानसभा सीट पारंपरिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सबसे मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। नितिन नवीन ने यहाँ लगातार कई चुनावों में बीजेपी का परचम लहराया है। इस बार बीजेपी ने अपने इस गढ़ को सुरक्षित रखने के लिए नीरज कुमार सिन्हा पर दांव खेला है। 


बीजेपी इस प्रतिष्ठित सीट को किसी भी कीमत पर अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहती। यही वजह है कि पार्टी ने अपने 40 स्टार प्रचारकों की पूरी फौज पटना की सड़कों पर उतार दी है। पार्टी का कैडर और पारंपरिक वोटर पूरी तरह गोलबंद नजर आ रहा है, जो प्रशांत किशोर के 'व्यवस्था परिवर्तन' के नैरेटिव के सामने एक बेहद मजबूत वैचारिक दीवार बनकर खड़ा है।


■ प्रशांत किशोर (PK) की एंट्री से कैसे बदला समीकरण?

--------------------------------------------------

अब तक पर्दे के पीछे रहकर देश के बड़े-बड़े नेताओं की सरकारें बनाने और रणनीति तैयार करने वाले प्रशांत किशोर इस बार खुद फ्रंट फुट पर खेल रहे हैं। जन सुराज पार्टी के बैनर तले खुद चुनावी मैदान में उतरकर पीके ने बांकीपुर की पूरी लड़ाई को त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प बना दिया है।


प्रशांत किशोर का पूरा फोकस पटना के प्रबुद्ध मतदाताओं, युवाओं और बदलाव की चाह रखने वाले न्यूट्रल वोटर्स पर टिका है। पीके लगातार स्थानीय मुद्दों, पटना में जलजमाव की भीषण समस्या और युवाओं के रोजगार को लेकर नीतीश-सम्राट सरकार पर जमकर हमलावर हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीके के मैदान में होने से जो vote बैंक कटेगा, वह अंततः किसे फायदा और किसे नुकसान पहुंचाएगा, यह कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी।


■ आरजेडी की रेखा गुप्ता ने कैसे बिगाड़ा खेल?

--------------------------------------------------

महागठबंधन की तरफ से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने रेखा गुप्ता को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को त्रिकोणीय और कड़ा कर दिया है। रेखा गुप्ता की एंट्री ने बांकीपुर के पारंपरिक जातीय और सामाजिक समीकरण को पूरी तरह से री-सेट कर दिया है। 


आरजेडी अपने पारंपरिक 'माय' (MY) समीकरण के साथ-साथ महिला वोटर्स और स्थानीय स्तर पर सरकार से नाराज चल रहे गुटों को साधने की पुरजोर कोशिश में जुटी है। यदि आरजेडी अपने कोर वोटर्स को पूरी तरह पोलराइज करने में सफल रहती है, तो गैर-बीजेपी वोटों का एक बहुत बड़ा हिस्सा आरजेडी और जन सुराज के बीच बंट जाएगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यही वोटों का बिखराव इस समय प्रशांत किशोर की सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है।


■ क्या हैं बांकीपुर के सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?

--------------------------------------------------

बांकीपुर के जागरूक मतदाता इस बार केवल बड़े चेहरों को देखकर नहीं, बल्कि अपने जमीनी और रोजमर्रा के मुद्दों पर भी खुलकर बात करते दिख रहे हैं:


• जलजमाव और इंफ्रास्ट्रक्चर: हर साल बारिश के मौसम में पटना के इस पॉश इलाके का पानी में डूब जाना आज भी यहाँ का सबसे बड़ा और अनसुलझा मुद्दा है।

• युवा और रोजगार: स्थानीय युवाओं के बीच रोजगार के अभाव और लगातार होते पलायन को लेकर सरकार के खिलाफ अंदरूनी नाराजगी साफ देखी जा सकती है।

• बदलाव बनाम स्थिरता: एक तरफ जहां बीजेपी 'स्थिरता और निरंतर विकास' के नाम पर वोट मांग रही है, वहीं जन सुराज 'मुकम्मल व्यवस्था परिवर्तन' की वकालत कर रहा है।


■ LNBNews का निष्कर्ष (Conclusion)

--------------------------------------------------

बांकीपुर उपचुनाव 2026 में आगामी 30 जुलाई को वोटिंग होनी है। यह चुनाव जहां एक तरफ प्रशांत किशोर की साख की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है, तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के लिए अपने सबसे मजबूत गढ़ को बचाने का सवाल है। गैर-बीजेपी वोटों का बिखराव निश्चित रूप से इस चुनाव के नतीजों को बेहद चौंकाने वाला बना सकता है। फिलहाल बांकीपुर की जनता खामोश है, और मतदाताओं की यही चुप्पी इस समय तमाम राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा रही है।


🔥 आपके लिए आज का सवाल (Engagement Poll)

--------------------------------------------------

आपकी निष्पक्ष नजर में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बाजी कौन मारेगा? 


[A] बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा

[B] जन सुराज के प्रशांत किशोर

[C] आरजेडी की रेखा गुप्ता


अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर हमारे साथ जरूर साझा करें! 

बिहार की पल-पल की चुनावी अपडेट्स और ग्राउंड रिपोर्ट्स के लिए हमारे ब्लॉग LNBNews को अभी बुकमार्क करें।


13साल पुराने हत्याकांड में अतरी के पूर्व विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव बाइज्जत बरी: गया सिविल कोर्ट का बड़ा फैसला



गया: बिहार की सियासत और कानूनी गलियारे से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अतरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव को गया सिविल कोर्ट ने एक राहत देते हुए 13 साल पुराने बहुचर्चित हत्याकांड के मामले में पूरी तरह से निर्दोष साबित कर बाइज्जत बरी कर दिया है। 


लंबे समय से चल रही इस कानूनी लड़ाई के खत्म होने के बाद पूर्व विधायक के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या था और कोर्ट ने किस आधार पर यह फैसला सुनाया।


क्या था पूरा मामला? (सुमीरक यादव हत्याकांड)

यह पूरा मामला साल 2013 का है। 26 फरवरी 2013 को गया जिले के नीमचक बथानी बाजार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के तत्कालीन प्रखंड अध्यक्ष सुमीरक यादव की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर के स ने उस समय बिहार की राजनीति में भारी भूचाल ला दिया था।


हत्याकांड के बाद मृतक सुमीरक यादव के बड़े भाई विजय यादव ने नीमचक बथानी थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इस प्राथमिकी (FIR) में अतरी के तत्कालीन पूर्व विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव, उनकी मां (पूर्व विधायक) कुंती देवी, भाई विवेक यादव और कई अन्य अज्ञात लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था।


पटना हाईकोर्ट से लेकर स्पीडी ट्रायल तक का सफर

केस दर्ज होने के बाद अजय यादव ने अपने खिलाफ दर्ज इस मुकदमे को निरस्त (Quash) कराने के लिए पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था और निचली अदालत को इस संवेदनशील मामले में तेजी से सुनवाई (Speedy Trial) पूरी करने का सख्त निर्देश दिया था। इसके बाद गया कोर्ट में इस मामले पर लगातार सुनवाई चल रही थी।


गया सिविल कोर्ट ने क्यों किया बरी?

गया जिला एवं सत्र न्यायालय (सिविल कोर्ट) में दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष (Prosecution) पूर्व विधायक अजय यादव के खिलाफ कोर्ट में पुख्ता और अकाट्य सबूत पेश करने में नाकाम रहा। गवाहों के बयानों में विरोधाभास और साक्ष्यों (Evidence) की कमी को देखते हुए माननीय न्यायालय ने पूर्व विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव को इस मर्डर केस से पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया।


राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि

अजय यादव उर्फ रंजीत यादव का परिवार गया जिले की अतरी विधानसभा सीट की राजनीति में गहरा प्रभाव रखता है:

- पिता राजेंद्र यादव: अजय यादव के पिता राजेंद्र यादव अतरी क्षेत्र से तीन बार विधायक चुने गए थे।

- मां कुंती देवी: अजय यादव की मां कुंती देवी भी इस क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर दो बार विधायक रहीं। वह भी इस मामले में आरोपी थीं, जिनका बाद में जेल में इलाज के दौरान निधन हो गया था।

- अजय यादव: अपने माता-पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए अजय यादव भी इस क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं।


  1. निष्कर्ष
  2.  इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पूर्व विधायक अजय यादव के सिर से एक बहुत बड़ा कानूनी बोझ उतर गया है। साक्ष्यों के अभाव में मिली यह बड़ी जीत उनके राजनीतिक भविष्य और समर्थकों के लिए संजीवनी की तरह देखी जा रही है। 


- संपादक: संतोष पांडेय (LNBNews)


बिहार में शिक्षा की नई डिजिटल क्रांति: सरकारी स्कूलों में AI आधारित लाइव क्लासेज और फ्री JEE-NEET कोचिंग की शुरुआत!



 विशेष रिपोर्ट: संतोष पांडे (मुख्य संपादक, LNBNews)


LNBNews Desk, Patna: बिहार के सरकारी स्कूलों की सूरत और सीरत अब पूरी तरह बदलने वाली है। 

राज्य की शिक्षा व्यवस्था को हाईटेक और ग्लोबल स्टैंडर्ड के मुताबिक बनाने की दिशा में सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब बिहार के गरीब और ग्रामीण परिवेश से आने वाले होनहार छात्रों को भी बड़े निजी स्कूलों जैसी अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में 'बिहार स्कूल लाइव क्लासेज' (Bihar School Live Classes) योजना का भव्य शुभारंभ कर दिया है। इस योजना के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट डिजिटल कंटेंट के जरिए पढ़ाई कराई जाएगी। इसके साथ ही, खेल के क्षेत्र में भी बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए खेल मैदानों के आधुनिकीकरण की घोषणा की गई है।


LNBNews की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए बिहार की इस नई डिजिटल शिक्षा क्रांति की सबसे बड़ी बातें:


1. पटना के 150 स्कूलों से शुरुआत, जुलाई अंत तक 422 स्कूलों का लक्ष्य

इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में आज से पटना जिले के 150 सरकारी स्कूलों में लाइव क्लासेज का संचालन शुरू कर दिया गया है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि जुलाई के अंत तक पटना के सभी 422 उच्च माध्यमिक (Higher Secondary) विद्यालयों तक इस डिजिटल हब की पहुंच सुनिश्चित कर दी जाए। इसके बाद इस सफल मॉडल को पूरे बिहार के सभी जिलों में लागू किया जाएगा।

2. कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों को मिलेगी AI आधारित पढ़ाई

अब सरकारी स्कूलों के छात्रों को पारंपरिक ब्लैकबोर्ड के बजाय चमचमाती स्मार्ट स्क्रीन पर पढ़ने का मौका मिलेगा। कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए:

• स्मार्ट डिजिटल कंटेंट: कठिन वैज्ञानिक और गणितीय विषयों को ग्राफिक्स और 3D एनिमेशन के जरिए आसान बनाया जाएगा।

• AI सपोर्ट: छात्रों की सीखने की क्षमता के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लर्निंग टूल्स उनकी कमजोरियों को पहचान कर मदद करेंगे।

• डिजिटल नोट्स और मॉक टेस्ट: हर चैप्टर के खत्म होने के बाद छात्रों को ऑनलाइन प्रीमियम नोट्स और प्रैक्टिस के लिए मॉक टेस्ट की सुविधा मिलेगी।


3. अब सरकारी स्कूल के बच्चे भी बनेंगे डॉक्टर-इंजीनियर (मुफ़्त JEE, NEET और CUET कोचिंग)

अक्सर आर्थिक तंगी के कारण सरकारी स्कूलों के मेधावी बच्चे कोटा, दिल्ली या पटना के महंगे कोचिंग संस्थानों की फीस नहीं भर पाते थे। सरकार ने इस 'डिजिटल डिवाइड' का सटीक समाधान निकाल लिया है:

• पटना के 10 मॉडल विद्यालयों में JEE, NEET और CUET की निःशुल्क (Free) कोचिंग शुरू की जा रही है।

• यहाँ देश के विशेषज्ञ शिक्षक लाइव सैटेलाइट/डिजिटल टू-वे कम्युनिकेशन माध्यम से बच्चों की शंकाओं का समाधान करेंगे।

• आने वाले समय में इस योजना का विस्तार राज्य के 146 मॉडल विद्यालयों तक किया जाएगा, ताकि हर प्रखंड (Block) के गरीब छात्र इसका लाभ उठा सकें।


4. बेटियों के लिए हॉकी का आधुनिक खेल मैदान: शास्त्रीनगर में बनेगा एस्ट्रो टर्फ

शिक्षा के साथ-साथ बिहार सरकार खेल के मैदान में भी राज्य का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाने के लिए प्रतिबद्ध है। पटना के शास्त्रीनगर बालिका हॉकी प्रशिक्षण केंद्र को पूरी तरह अपग्रेड किया जा रहा है:

• महिला खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने के लिए अत्याधुनिक खेल संसाधन और ट्रेनिंग किट्स उपलब्ध कराई जा रही हैं।

• शास्त्रीनगर हॉकी केंद्र में एस्ट्रो टर्फ (Astro Turf) निर्माण की दिशा में एक बड़ी और ठोस पहल की गई है, जिससे बिहार की बेटियों को नेशनल और इंटरनेशनल Level पर खेलने के लिए सही प्लेटफॉर्म मिल सके।


✒️ संपादक की कलम से (LNBNews View)

बिहार में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ अब 'ह्यूमन रिसोर्स' और 'क्वालिटी एजुकेशन' पर फोकस करना एक बेहद सराहनीय कदम है। यदि यह योजना धरातल पर पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से लागू होती है, तो वो दिन दूर नहीं जब बिहार के सरकारी स्कूलों से निकलने वाले बच्चे देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में टॉप करते नजर आएंगे। डिजिटल तकनीक के जरिए ग्रामीण और शहरी खाई को पाटने की दिशा में यह कदम वाकई गेमचेंजर साबित हो सकता है।


आपकी राय: बिहार सरकार की इस डिजिटल स्कूल योजना और फ्री JEE-NEET कोचिंग को लेकर आप क्या सोचते हैं? क्या इससे बिहार के सरकारी स्कूलों का स्तर सुधरेगा? हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और इस खबर को अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स में शेयर करें!


---

#BiharNews #LNBNews #SamratChoudhary #BiharEducation #DigitalBihar #JEENEETFreeCoaching #PatnaNews #SportsBihar #AIBasedEducation #SantoshPandeyEditor



गया: नीमचक बथानी में सरकारी डिग्री कॉलेज का भव्य उद्घाटन, अतरी विधायक रोमित कुमार ने क्षेत्र के छात्रों को दिया ऐतिहासिक तोहफा




नीमचक बथानी (गया)। गया जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। क्षेत्र के लोकप्रिय और युवा विधायक रोमित कुमार ने नीमचक बथानी में नवस्थापित सरकारी डिग्री कॉलेज का फीता काटकर भव्य उद्घाटन किया। 


इस ऐतिहासिक मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में ग्रामीण और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


बिहार सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत ग्रामीण इलाकों में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने और मजबूत करने के उद्देश्य से इस महाविद्यालय की शुरुआत की गई है।

ग्रेजुएशन के लिए अब नहीं जाना होगा शहर: विधायक रोमित कुमारउद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अतरी विधायक रोमित कुमार ने कहा, "अतरी विधानसभा क्षेत्र के विकास और यहाँ के युवाओं को बेहतर शिक्षा दिलाना मेरी पहली प्राथमिकता रही है। नीमचक बथानी में डिग्री कॉलेज का खुलना क्षेत्र के शैक्षणिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। 

अब हमारे बेटों और बेटियों को बीए (BA) और बीएससी (B.Sc) जैसी उच्च शिक्षा के लिए गया शहर या अन्य दूरदराज के इलाकों में जाकर पैसे और समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।" [1]छात्राओं को उच्च शिक्षा में मिलेगी सबसे बड़ी राहतइस कॉलेज के खुलने से सबसे ज्यादा खुशी स्थानीय छात्राओं और उनके अभिभावकों में देखी जा रही है। 


ग्रामीण क्षेत्रों में दूरी और सुरक्षा कारणों से कई छात्राएं मैट्रिक या इंटर के बाद आगे की पढ़ाई छोड़ देती थीं। अब घर के नजदीक ही डिग्री कॉलेज की सुविधा मिल जाने से क्षेत्र की बेटियों के लिए उच्च शिक्षा की राह बेहद आसान हो जाएगी।


आज से ही शुरू हुआ पहला शैक्षणिक सत्र (2026-30)आपको बता दें कि बिहार सरकार की विशेष पहल पर आज यानी 15 जुलाई 2026 से ही नीमचक बथानी समेत राज्य के सभी नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में पहले शैक्षणिक सत्र (2026-30) की कक्षाएं आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई हैं। 


शुरुआती दौर में यहाँ कला (Arts) संकाय के 6 प्रमुख विषयों (इतिहास, राजनीति विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र) में सुचारू रूप से पढ़ाई शुरू की जा रही है। 


संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा यहाँ योग्य प्राचार्यों और व्याख्याताओं की प्रतिनियुक्ति (deputation) भी पूरी कर ली गई है ताकि छात्रों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।समारोह के अंत में स्थानीय ग्रामीणों ने अंगवस्त्र और माला पहनाकर विधायक रोमित कुमार का गर्मजोशी से स्वागत किया और इस ऐतिहासिक सौगात के लिए उनका आभार व्यक्त किया।


रिपोर्ट: संतोष पांडेय (संपादक, LNBNews) 

स्थान: नीमचक बथानी, गया (बिहार)तारीख: 15 जुलाई 2026

Gaya News, Atri Assembly, Romit Kumar MLA, Neemchak Bathani, Bihar Education News, LNBNews, Degree College Inauguration