13साल पुराने हत्याकांड में अतरी के पूर्व विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव बाइज्जत बरी: गया सिविल कोर्ट का बड़ा फैसला



गया: बिहार की सियासत और कानूनी गलियारे से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अतरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव को गया सिविल कोर्ट ने एक राहत देते हुए 13 साल पुराने बहुचर्चित हत्याकांड के मामले में पूरी तरह से निर्दोष साबित कर बाइज्जत बरी कर दिया है। 


लंबे समय से चल रही इस कानूनी लड़ाई के खत्म होने के बाद पूर्व विधायक के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या था और कोर्ट ने किस आधार पर यह फैसला सुनाया।


क्या था पूरा मामला? (सुमीरक यादव हत्याकांड)

यह पूरा मामला साल 2013 का है। 26 फरवरी 2013 को गया जिले के नीमचक बथानी बाजार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के तत्कालीन प्रखंड अध्यक्ष सुमीरक यादव की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर के स ने उस समय बिहार की राजनीति में भारी भूचाल ला दिया था।


हत्याकांड के बाद मृतक सुमीरक यादव के बड़े भाई विजय यादव ने नीमचक बथानी थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इस प्राथमिकी (FIR) में अतरी के तत्कालीन पूर्व विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव, उनकी मां (पूर्व विधायक) कुंती देवी, भाई विवेक यादव और कई अन्य अज्ञात लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था।


पटना हाईकोर्ट से लेकर स्पीडी ट्रायल तक का सफर

केस दर्ज होने के बाद अजय यादव ने अपने खिलाफ दर्ज इस मुकदमे को निरस्त (Quash) कराने के लिए पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था और निचली अदालत को इस संवेदनशील मामले में तेजी से सुनवाई (Speedy Trial) पूरी करने का सख्त निर्देश दिया था। इसके बाद गया कोर्ट में इस मामले पर लगातार सुनवाई चल रही थी।


गया सिविल कोर्ट ने क्यों किया बरी?

गया जिला एवं सत्र न्यायालय (सिविल कोर्ट) में दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष (Prosecution) पूर्व विधायक अजय यादव के खिलाफ कोर्ट में पुख्ता और अकाट्य सबूत पेश करने में नाकाम रहा। गवाहों के बयानों में विरोधाभास और साक्ष्यों (Evidence) की कमी को देखते हुए माननीय न्यायालय ने पूर्व विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव को इस मर्डर केस से पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया।


राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि

अजय यादव उर्फ रंजीत यादव का परिवार गया जिले की अतरी विधानसभा सीट की राजनीति में गहरा प्रभाव रखता है:

- पिता राजेंद्र यादव: अजय यादव के पिता राजेंद्र यादव अतरी क्षेत्र से तीन बार विधायक चुने गए थे।

- मां कुंती देवी: अजय यादव की मां कुंती देवी भी इस क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर दो बार विधायक रहीं। वह भी इस मामले में आरोपी थीं, जिनका बाद में जेल में इलाज के दौरान निधन हो गया था।

- अजय यादव: अपने माता-पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए अजय यादव भी इस क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं।


  1. निष्कर्ष
  2.  इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पूर्व विधायक अजय यादव के सिर से एक बहुत बड़ा कानूनी बोझ उतर गया है। साक्ष्यों के अभाव में मिली यह बड़ी जीत उनके राजनीतिक भविष्य और समर्थकों के लिए संजीवनी की तरह देखी जा रही है। 


- संपादक: संतोष पांडेय (LNBNews)


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