बिहार में निगरानी विभाग का त्रिकोणीय महा-धमाका: पटना, जहानाबाद और शेखपुरा में 3 सरकारी अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, महकमे में हड़कंप!









पटना/जहानाबाद (LNB News): बिहार में भ्रष्टाचार और घूसखोर सरकारी तंत्र के खिलाफ सूबे की सबसे बड़ी जांच एजेंसी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक साथ तीन अलग-अलग जिलों में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। निगरानी की विशेष टीमों ने जाल बिछाकर जहानाबाद, शेखपुरा और राजधानी पटना में तीन अलग-अलग मामलों में एक कनीय अभियंता (JE), परिवहन विभाग के लिपिक (क्लर्क) और एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को हजारों रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा है। इस त्रिकोणीय महा-कार्रवाई के बाद बिहार के प्रशासनिक महकमे में भयंकर हड़कंप मच गया है।


📌 जहानाबाद: मनरेगा के जूनियर इंजीनियर ₹20 हजार लेते दबोचे गए

निगरानी की पहली बड़ी कार्रवाई जहानाबाद जिले में हुई। यहाँ मनरेगा (MGNREGA) में तैनात कनीय अभियंता (Junior Engineer) अमन कुमार को निगरानी ब्यूरो की विशेष टीम ने ₹20,000 (बीस हजार रुपये) की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी इंजीनियर द्वारा एक सरकारी योजना के बिल पास करने और कागजी क्लीयरेंस के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी, जिसकी शिकायत पीड़ित ने निगरानी विभाग से की थी। सत्यापन के बाद टीम ने छापेमारी कर JE को दबोच लिया।



📌 शेखपुरा: जिला परिवहन दफ्तर का क्लर्क ₹15 हजार घूस लेते गिरफ्तार

भ्रष्टाचार के खिलाफ दूसरा बड़ा एक्शन शेखपुरा जिले से सामने आया है। यहाँ जिला परिवहन कार्यालय (DTO Office) में तैनात लिपिक (क्लर्क) कुणाल कुमार को निगरानी की टीम ने ₹15,000 (पंद्रह हजार रुपये) रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बताया जाता है कि वाहनों के कागजात, परमिट या लाइसेंस से जुड़े काम को अटकाकर क्लर्क द्वारा अवैध राशि की मांग की जा रही थी। निगरानी के शिकंजे में आते ही दफ्तर के अन्य कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई।




📌 पटना: जेपी गंगा पथ यातायात थाना के दारोगा ₹10 हजार लेते धरे गए

तीसरा और सबसे चौंकाने वाला मामला राजधानी पटना का है, जहाँ कानून के रखवाले ही घूसखोरी के दलदल में फंसे नजर आए। पटना के हाई-प्रोफाइल जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) यातायात थाना में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (Sub-Inspector) उपेंद्र साह को निगरानी ब्यूरो ने ₹10,000 (दस हजार रुपये) की रिश्वत की रकम हाथ में लेते ही रंगे हाथ दबोच लिया। दारोगा द्वारा किसी वाहन को छोड़ने या केस के सिलसिले में अवैध वसूली की जा रही थी।




📌 निगरानी मुख्यालय में चल रही पूछताछ, भेजे जाएंगे जेल:

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तीनों अलग-अलग मामलों के आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पटना स्थित निगरानी मुख्यालय लाया जा रहा है, जहाँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत विशेष प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ब्यूरो ने साफ किया है कि सूबे में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह ज़ीरो टॉलरेंस की मुहिम आगे भी और तेजी से जारी रहेगी।


रिपोर्ट: संतोष कुमार पाण्डेय (State Bureau Chief, LNB News)


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