बिहार में भू-माफियाओं पर बड़ा शिकंजा: गैर-मजरूआ जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर पूर्ण रोक


 

बिहार: राज्य में भूमि विवादों और अवैध कब्जे पर नकेल कसने के लिए सम्राट सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अब बिहार में गैर-मजरूआ जमीन की खरीद-बिक्री और उसकी रजिस्ट्री पूरी तरह से बंद कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के तहत सॉफ्टवेयर खुद-ब-खुद ऐसी जमीनों के दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन को खारिज (Reject) कर देगा।

​मुख्य बिंदु (Key Highlights):

​सॉफ्टवेयर आधारित रोक: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चिन्हित जमीनों की सूची निबंधन (Registration) विभाग को सौंप दी गई है, जिसे अब सॉफ्टवेयर की 'रिस्ट्रिक्शन लिस्ट' में जोड़ा जा रहा है।

​सार्वजनिक जमीनों की सुरक्षा: सड़क, स्कूल, तालाब, गोचर और अन्य सार्वजनिक उपयोग (गैर-मजरूआ आम) की जमीनें अब पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी और इनका निजी हाथों में हस्तांतरण नहीं हो सकेगा।

​प्रशासनिक सख्ती: इस साल जून में हुई घोषणा के बाद अब सभी जिलों के जिलाधिकारियों को इस प्रक्रिया को तेजी से और सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

​भू-माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

​सरकार के इस कड़े फैसले से उन बिचौलियों और भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी और सार्वजनिक जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त करते थे। इस पारदर्शी तकनीक से आम जनता को भी भविष्य में जमीन धोखाधड़ी से बड़ी राहत मिलेगी।

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