गया (बिहार)
मोक्ष स्थली के रूप में विश्व प्रसिद्ध गया जी का इतिहास बेहद गौरवशाली और धार्मिक मान्यताओं से ओत-प्रोत है। इतिहास के पन्नों में एक ऐसा ही अनूठा प्रसंग दर्ज है, जब मुगल शासनकाल के दौरान औरंगजेब को गया के पवित्र विष्णुपद धाम के आगे झुकना पड़ा था और यहां लगने वाले कर को समाप्त करना पड़ा था।
क्या था 'जजिया कर' और इसका प्रभाव?
इतिहास के अनुसार, गैर-मुस्लिमों से उनकी सुरक्षा और धर्म पालन की छूट के नाम पर 'जजिया कर' (Jizya Tax) वसूला जाता था। मुगल काल में जब गयाजी में भी पिंडदान और दर्शन करने आने वाले तीर्थयात्रियों पर यह कर लगाया जाने लगा, तो श्रद्धालुओं को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी गिरावट: कर की वजह से गया आने वाले हिंदू तीर्थयात्रियों और पिंडदानियों की संख्या में भारी कमी आने लगी, जिससे गयापाल पंडा समाज के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया।
मुगलकाल में मंदिरों पर संकट: विष्णुपद प्रबंध कारिणी समिति गयाजी के अध्यक्ष शंभू लाल विठ्ठल बताते हैं कि उस दौर में आतंक और करों के बोझ से हर कोई त्रस्त था, जिससे सनातन संस्कृति से जुड़े लोग और तीर्थयात्री प्रभावित हुए।
जब दिल्ली दरबार पहुंचे मुखिया शहर चंद्र चौधरी
इस विकट परिस्थिति का विरोध करने के लिए पंडा समाज ने कड़ा रुख अपनाया। समाज ने पूरी समस्या अपने मुखिया शहर चंद्र चौधरी के सामने रखी, जिसके बाद वे स्थिति से अवगत कराने के लिए सीधे दिल्ली दरबार रवाना हुए।
औरंगजेब का बदला फैसला: शंभू लाल विठ्ठल के अनुसार, जब मुखिया ने औरंगजेब के सामने विष्णुपद की महत्ता, मोक्ष प्राप्ति और पंडा समाज की आजीविका की बात पूरी तथ्यात्मकता से रखी, तो औरंगजेब उससे काफी प्रभावित हुआ। इसके बाद उसने तुरंत टैक्स हटाने की घोषणा कर दी।
'आलमगीरपुर' की स्थापना और चार फाटकों की किलेबंदी
इतिहासकारों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, औरंगजेब ने प्रभावित होकर कर तो हटाया ही, साथ ही पंडा समाज को रहने के लिए 'आलमगीरपुर' बसाने के वास्ते जगह भी दी।
पहले गयापाल पंडा समाज के लोगों के घर छिटपुट थे, लेकिन जागीर मिलने के बाद वे सब एक जगह आकर रहने लगे।
सुरक्षा की दृष्टि से चार फाटकों की किलेबंदी की गई, जिसे आज भी 'अंदर गया' के नाम से जाना जाता है। यह ऐतिहासिक क्षेत्र आज भी पंडा समाज के निवास और पूर्वजों की स्मृतियों को संजोए हुए है।
(ब्यूरो रिपोर्ट, LNB News / लाइव न्यूज ऑफ बिहार)




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