गयाजी में सांप के डसने से दंपती की मौत: पति ने मौके पर, पत्नी ने अस्पताल में तोड़ा दम; मगध मेडिकल पर इलाज में लापरवाही का आरोप, 4 बच्चे हुए अनाथ


गया (LNB News): बिहार के गयाजी अंतर्गत परैया थाना क्षेत्र के प्रभुआ गांव में जहरीले सांप के डसने से पति-पत्नी दोनों की दर्दनाक और असमय मौत हो गई है। मृतकों की पहचान 41 वर्षीय मुन्ना प्रजापति और उनकी पत्नी सुषमा देवी के रूप में की गई है। हादसे में मुन्ना प्रजापति ने जहां मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल (ANMMCH) में भर्ती उनकी पत्नी सुषमा देवी की भी बुधवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। एक ही घर से पति और पत्नी दोनों की अर्थी उठने से पूरे इलाके में गहरा मातम और कोहराम मचा हुआ है।


बिस्तर पर सोते समय हुआ हादसा, चींटी समझकर किया नजरअंदाज


मिली जानकारी के अनुसार, मुन्ना प्रजापति पेशे से राजमिस्त्री थे और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार की रात वे अपनी पत्नी के साथ कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान बिस्तर पर तकिए के पास छिपे एक जहरीले गेहूंमन (कोबरा) सांप ने सोते समय दोनों को डस लिया।


नींद में डंसे जाने पर दोनों को हल्की चुभन महसूस हुई, जिसे शुरुआत में उन्होंने मामूली चींटी का काटना समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन कुछ ही देर में जब जहर फैलने लगा और असहनीय दर्द हुआ, तब टॉर्च जलाकर देखा गया तो बिस्तर पर खतरनाक सांप मौजूद था। परिजनों व ग्रामीणों ने तुरंत सांप को मौके पर ही मार गिराया, लेकिन तब तक जहर तेजी से फैल चुका था और मुन्ना प्रजापति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।


अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का गंभीर आरोप

मृतक के चचेरे भाई प्रमोद प्रजापति ने मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल की लचर व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि जब सुषमा देवी को अस्पताल लाया गया था, तब वे पूरी तरह होश में थीं और खुद डॉक्टरों से बार-बार गुहार लगा रही थीं कि उन्हें जहरीले सांप ने काटा है, तुरंत एंटी-वेनम और इलाज शुरू किया जाए। परिजनों ने डॉक्टरों को मारे गए सांप की फोटो और वीडियो भी दिखाई।


परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद अस्पताल कर्मियों और डॉक्टरों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और करीब एक घंटे तक इमरजेंसी इलाज शुरू ही नहीं किया। जब महिला की हालत अत्यधिक नाजुक हो गई, तब जाकर इलाज शुरू किया गया। परिजनों का साफ कहना है कि यदि समय पर सही इलाज और एंटी-वेनम मिल जाता, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।


4 मासूम बच्चों के सिर से उठा साया


इस हृदयविदारक घटना ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। दंपती अपने पीछे चार मासूम बच्चों—बड़ी बेटी (19 वर्ष), बेटा (16 वर्ष), और दो छोटी बेटियां (14 वर्ष व 12 वर्ष) को बेसहारा छोड़ गए हैं। माता-पिता दोनों की एक साथ मौत के बाद अब इन अनाथ बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य पर गहरा संकट खड़ा हो गया है।


मुआवजे और उच्चस्तरीय जांच की मांग

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने गया जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से पीड़ित परिवार को तत्काल उचित सरकारी मुआवजा व आर्थिक सहायता देने की पुरजोर मांग की है। साथ ही मगध मेडिकल अस्पताल में इलाज में हुई कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।


सांप काटने पर क्या करें और क्या न करें (LNB News की अपील):

1. झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र के अंधविश्वास में बिल्कुल न पड़ें, इससे सिर्फ कीमती समय बर्बाद होता है।

2. मरीज को शांत रखें और डंसे गए अंग को ज्यादा हिलने-डुलने न दें।

3. बिना समय गंवाए मरीज को सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज ले जाएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध हो।


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LNB News डिजिटल डेस्क, गया

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ब्यूरो रिपोर्ट: संतोष कुमार पांडेय, चीफ ब्यूरो (LNB News)



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