जब सर पर मोदी जी का हाथ और नितिन गडकरी का साथ है, तो फल्गु नदी में पानी आने से कोई रोक नहीं सकता": जीतन राम मांझी का बड़ा ऐलान


ग्राउंड रियलिटी रिपोर्ट: एनडीए की डबल इंजन सरकार के प्रयास से फल्गु नदी समेत सूखी नदियों और नहरों का होगा कायाकल्प; NHAI और बिहार सरकार के बीच हुआ अहम समझौता

​LNB News Desk: दिल्ली / गया (बिहार):

गया की लाइफ-लाइन और ऐतिहासिक फल्गु नदी में बारहों महीने पानी लाने के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी एवं बिहार के नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य में जल निकायों और जलाशयों के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में फल्गु नदी के जीर्णोद्धार को लेकर बड़ा बयान दिया है।  

​किसकी मजाल है जो फल्गु में पानी रोक सके?- जीतन राम मांझी

नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम और बैठकों के बाद पत्रकारों व जनसभाओं में अपने आक्रामक और स्पष्ट तेवर के लिए जाने जाने वाले केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पूरी मजबूती के साथ कहा, "हम कहे थे ना... कि जब सर पर मोदी जी का हाथ है और भाई नितिन गडकरी जी का साथ है तो केकर मजाल है कि फल्गु नदी में पानी आए से रोक दे।" उन्होंने कहा कि गया जी के धार्मिक महत्व को देखते हुए फल्गु नदी में जल प्रवाह को सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है, और अब केंद्र व राज्य सरकार के तालमेल से यह सपना जल्द ही पूरी तरह साकार होने जा रहा है।  

​फल्गु नदी और सूखी पड़ी नहरों का होगा कायाकल्प

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आगे विस्तार से बताते हुए कहा कि यह केवल एक नदी का प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह एक बेहद सराहनीय कदम है जिससे न केवल फल्गु नदी में बल्कि राज्य की उनतमाम अन्य नदियों और नहरों में भी पानी आ सकेगा जो लंबे समय से सूखी पड़ी हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब-जब डबल इंजन की सरकार होती है, तब-तब विकास की गति दोगुनी हो जाती है। जनता दोनों हाथ उठाकर यह मानती है कि आज एनडीए की डबल इंजन सरकार के कारण बिहार तरक्की की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।  

​NHAI और बिहार सरकार के बीच हुआ बड़ा समझौता

इस पूरी महत्वाकांक्षी योजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और बिहार सरकार के बीच राज्य में जलसंरचनाओं, जलाशयों और उनसे जुड़ी परियोजनाओं से गाद (Silt) हटाने व जल संचयन को लेकर अहम समझौते हुए हैं। इससे भू-जल स्तर में सुधार होगा और मगध क्षेत्र के किसानों व आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।  

​गया और पूरे मगध प्रमंडल के लोगों में इस घोषणा के बाद से भारी उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि केंद्र सरकार और स्थानीय नेताओं के इस मजबूत इच्छाशक्ति से गया के धार्मिक और कृषि विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

​रिपोर्ट: संतोष कुमार पांडेय (स्टेट ब्यूरो चीफ, LNB News)

वेबसाइट: https://www.lnbnews.in

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