बिहार (LNB News): बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी डॉक्टर की पेपर लीक गिरोह के साथ पहले से गहरी साठगांठ थी।
🚗 पटना से हजारीबाग ले जाए गए थे 30 अभ्यर्थी
EOU की जांच के मुताबिक, गिरफ्तार डॉ. मनीष पर यह गंभीर आरोप है कि उसने 30 अभ्यर्थियों को पटना से विशेष वाहन रिजर्व कर हजारीबाग पहुंचाया था। परीक्षा से ठीक पहले इन अभ्यर्थियों को एक होटल में ठहराकर प्रश्नपत्र पढ़ाने और रटाने की पूरी साजिश रची गई थी।
💰 हर अभ्यर्थी की सेटिंग के लिए तय हुए थे ₹50 हजार
सूत्रों और EOU की जांच के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े में हर एक अभ्यर्थी की परीक्षा पास करवाने या सेटिंग कराने के एवज में ₹50 हजार का सौदा तय हुआ था। आरोपी डॉक्टर ने इस अवैध सिंडिकेट में अहम भूमिका निभाई है।
🎓 2021 में NMCH से पास है आरोपी डॉक्टर
गिरफ्तार किया गया डॉ. मनीष कुमार चिकित्सा पेशे से जुड़ा है। उसने वर्ष 2021 में नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NMCH) से एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री पूरी की थी। एक डॉक्टर द्वारा इस तरह के संगठित अपराध में शामिल होना अपने आप में एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला है।
📊 अब तक कुल 296 गिरफ्तारियां
TRE-3 पेपर लीक कांड में EOU की कार्रवाई लगातार जारी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 296 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आर्थिक अपराध इकाई अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्ध चेहरों और उनकी संलिप्तता की बारीकी से जांच कर रही है।
रिपोर्ट संतोष पाण्डेय lnbnews.in

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